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भृगु चक्र पद्धति निम्नलिखित सिद्धांतों पर कार्य करती है:
इस पद्धति में 1 से 12 वर्ष की आयु तक क्रमवार 1 से 12 भाव सक्रिय होते हैं। 12 वर्ष के बाद यह चक्र पुनः प्रथम भाव से शुरू होता है। bhrigu chakra paddhati in hindi
महर्षि भृगु को देवर्षि नारद के गुरु तथा ब्रह्मा के मानस पुत्रों में से एक माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, उन्होंने अनेक ऋषियों के जीवन का विश्लेषण कर ‘भृगु संहिता’ की रचना की, जो एक विशाल ग्रंथ है। इस संहिता में लाखों कुंडलियों का विवरण है। कालांतर में, इसी संहिता से सरलीकृत नियमों को निकालकर ‘भृगु चक्र पद्धति’ विकसित की गई। bhrigu chakra paddhati in hindi
13वें वर्ष में चक्र फिर से प्रथम भाव पर आ जाता है। इसी प्रकार 25वें, 37वें, 49वें और 61वें वर्ष में भी प्रथम भाव ही सक्रिय रहता है। सक्रिय भावों की सूची: bhrigu chakra paddhati in hindi
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क्या मैं स्वयं अपनी कुंडली पर भृगु चक्र लगा सकता हूँ? उत्तर: यदि आपको डिग्री और ज्योतिष का बुनियादी ज्ञान है, तो आप सीख सकते हैं। लेकिन प्रारंभ में किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
भृगु चक्र के मुख्य नियम हैं: