Hayat-e-waris Book In Hindi New! -

यह पुस्तक सूफी संत 'शाह वारिस अली' के जीवन पर आधारित है। शाह वारिस अली देवा शरीफ (बाराबंकी, उत्तर प्रदेश) के प्रसिद्ध संत थे। लेखक ने इस पुस्तक में उनके जीवन की घटनाओं का वर्णन करते हुए उस दौर के समाज का आईना भी प्रस्तुत किया है। पुस्तक का पहला संस्करण लगभग 1890 के दशक में प्रकाशित हुआ था, जिसे 'मुअता-वारिस' के नाम से भी जाना जाता था।

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इस अमर कृति के लेखक हैं। वह हज़रत वारिस अली शाह के प्रमुख खलीफा (आध्यात्मिक उत्तराधिकारी) और उनके साले (बहनोई) थे। उन्होंने अपने मुर्शिद (गुरु) के प्रति प्रेम और सम्मान के कारण यह पुस्तक लिखी। मौलाना मुहम्मद मियां ने न केवल वारिस पाक की जीवनी लिखी, बल्कि उनके द्वारा कहे गए अजीबोगरीब लेकिन गहरे अर्थ वाले वाक्यों (जिन्हें 'वारिसियात' कहा जाता है) को भी समझाने का प्रयास किया। hayat-e-waris book in hindi